Industry closed due to lockdown, where to give salary to workers, entrepreneurs in tension
- उद्योग मंत्री और वित्त मंत्री को सहायता के लिए इंडस्ट्रियल फेडरेशन ने लिखा पत्र
- सरकार का आदेश है कि श्रमिकों को उनका पूरा वेतन मिलना चाहिए
- कारोबार चौपट होने के कारण आधे वेतन की छुट मिले
रजत ठाकुर
गाजियाबाद। लोक डाउन के कारण लघु और मध्यम उद्योग बंद हो गए हैं। उद्योग बंद होने के कारण आमदनी भी समाप्त हो गई है । ऐसे में उद्यमी श्रमिकों को कहां से दे वेतन । इस समस्या से निपटने के लिए इंडस्ट्रियल फेडरेशन ने उद्योग मंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर सहायता किए जाने की गुहार लगाई है । साथ ही कहा है कि उद्योग बंद होने की वजह से अधिकांश उद्यमी श्रमिकों को वेतन नहीं दे पाए हैं, जबकि सरकार का आदेश है कि श्रमिकों को उनका पूरा वेतन दिया जाए । कारोबार चौपट होने की स्थिति में आधा वेतन ही दिए जाने की छूट दी जाए। साथ ही उनकी बैंक लिमिट भी बढ़ाई जाए।गाजियाबाद में 11 औद्योगिक क्षेत्र हैं ।इनमें साढे बारह हजार से अधिक इंडस्ट्रीज है ।साथ ही इन उद्योगों में 7 लाख से अधिक श्रमिक कार्यरत हैं।कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सरकार ने 20 दिन पहले संपूर्ण भारत में लोक डाउन किए जाने की घोषणा की थी ।लोक डाउन की वजह से करीब सवा दो लाख श्रमिक पलायन कर गए । अभी भी 4:45 लाख श्रमिक यहां जमे हुए हैं। इन श्रमिकों को मार्च महीने के वेतन का भुगतान नहीं किया जा सका है। अप्रैल महीना भी आधा बीत गया है। इस वजह से श्रमिकों की टेंशन बढ़ गई है , जबकि सरकार ने श्रमिकों का वेतन नहीं काटे जाने के आदेश दिए हैं । उद्योग बंद होने की वजह से लेन-देन भी बंद हो गया है । वर्किंग कैपिटल भी समाप्त हो गई है ।उद्यमियों के सामने कैश की क्राइसिस बढ़ गई है । इतना ही नहीं उद्यमी श्रमिकों के पीएफ और ईएसआई की किस्त भी जमा नहीं करा पाए हैं ।गाजियाबाद इंडस्ट्रियल फेडरेशन ने केंद्रीय उद्योग मंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि ऐसी स्थिति में बैंक लिमिट को बिना किसी अतिरिक्त औपचारिकता अथवा बिना जमानत के कम से कम 25% तक बढ़ाया जाए । ईएसआई में जमा फंड से रुपया निकाल कर 3 महीने तक श्रमिकों का वेतन दिए जाने की व्यवस्था की जाए।फेडरेशन के महामंत्री अनिल गुप्ता ने बताया कि लोक डाउन समाप्त होने के बाद उद्योगों को पुनः स्थापित करने में काफी समय लगेगा ऐसी स्थिति में सरकार श्रमिकों का वेतन देने और अन्य कार्यों के लिए उद्यमियों को लोन की सुविधा भी मुहैया कराए। Kavi Nagar, Ghaziabadकवि नगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने कहा कि अगर सरकार ने उद्यमियों की समस्या पर ध्यान नहीं दिया तो श्रमिक और उद्यमियों की दिक्कत बढ़ जाएगी।

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