WHO's leadership role to combat the Corona epidemic emphasized
COVID-19 : कोरोना महामारी का मुकाबला करने के लिये डब्ल्यूएचओ की नेतृत्वकारी भूमिका पर जोर
डब्ल्यूएचओ (WHO) की नेतृत्वकारी भूमिका पर जोर दिया गया
दोनों प्रस्ताव स्वीकार किये जा सकते हैं या खारिज किये जा सकते हैं
संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देश हैं
संयुक्त राष्ट्र, 02 अप्रैल (एजेंसी)। कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते वैश्विक संस्था की बैठकें नहीं हो पा रही है अत: संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने के लिये महासभा में दो प्रतिद्वंद्वी प्रस्ताव पेश किये हैं । बैठकें नहीं होने के चलते बनाये गये मतदान के नये नियमों के मुताबिक यदि किसी एक देश ने भी ऐतराज जताया तो प्रस्ताव पारित नहीं हो सकेगा। संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देश हैं। 135 से अधिक देशों द्वारा अनुमोदित एक प्रस्ताव में इस महामारी को रोकने, इसके प्रभाव को कम करने और इसे शिकस्त देने के लिये कहीं अधिक तीव्र अंतरराष्ट्रीय सहयोग की अपील की गई है।
डब्ल्यूएचओ (WHO) की नेतृत्वकारी भूमिका पर जोर दिया गया
इनमें सूचना का आदान-प्रदान, वैज्ञानिक ज्ञान और सर्वश्रेष्ठ गतिविधियां तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा सुझाए गये संबद्ध दिशानिर्देश शामिल हैं। दूसरा प्रस्ताव मध्य अफ्रीकी गणराज्य, क्यूबा, निकारागुआ और वेनेजुएला के समर्थन से रूस ने पेश किया है। इसमें भी कोरोना वायरस महामारी (Corona Virus) का मुकाबला करने के लिये डब्ल्यूएचओ (WHO) की नेतृत्वकारी भूमिका पर जोर दिया गया है लेकिन इसमें व्यापार युद्ध बंद करने और संरक्षणवादी उपायों को लागू करने की अपील की गई है। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बगैर एकपक्षीय तरीके से प्रतिबंध नहीं लगाने की अपील भी की गई है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रमुख टी. मुहम्मद बांदे ने दोनों प्रस्ताव सोमवार को सभी सदस्य देशों को भेज दिये।

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