sandhu tells stranded indian students stay where you are
- संधू ने अमेरिका में हुए फँसे हुए भारतीय छात्रों को दिया मदद का आश्वासन
- भारतीय छात्रों को जहाँ है वहीँ रहने के लिए कहा
- छात्रों से बात करने के लिए किया गया लाइव सत्र
वाशिंगटन, 13 अप्रैल (एजेंसी)। कोरोना वायरस संकट को देखते हुए अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने अमेरिका में हुए लॉकडाउन के कारण फँसे हुए भारतीय छात्रों को जहां हैं वहीं रहने की सलाह देते हुए जल्द ही उन्हें मदद पहुचाने का आश्वासन दिया है। भारतीय दूतावास द्वारा सोशल मीडिया के लाइव सत्र में शामिल तक़रीबन 500 भारतीय छात्रों को संधू ने सुना, जिसका संचालन इंडिया स्टूडेंट हब टीम ने किया था । सूत्रों की माने तो अचानक हुए लॉकडाउन से अमेरिका में करीबन 2,50,000 भारतीय छात्र फँसे हुए हैं परन्तु अब छात्रावासों को खाली करने के चलते इन छात्रों के लिए समस्या आ गयी है ।
An engaging interaction with Indian students in the US on Instagram Live this afternoon. Thank you Rohan and India Student Hub Team for coordinating the session. Young students are our future and we look for innovative ideas from them.
60 people are talking about this
भारतीय छात्रों को जहाँ है वहीँ रहने के लिए कहा
देश में महामारी को फैलने से रोकने के लिए अधिकारियों द्वारा घर पर रहने संबंधी आदेश का भी उन्हें पालन करना पड़ रहा है। भारत सरकार ने तेजी से फैल रही बीमारी की रफ्तार को थामने के मकसद से 24 मार्च से 21 दिन के राष्ट्रव्यापी बंद की घोषणा की थी और इस दौरान रेल, सड़क एवं हवाई सेवाओं पर भी रोक लगा दी थी। संधू ने लाइव सत्र के दौरान पूछे गए प्रश्न के जवाब में कहा कि इस वक्त सबसे उचित यह है कि आप जहां हैं वहीं रहें। छात्रों को आश्वासन देते हुए कि भारतीय दूतावास उनको वीजा जारी करने के विषय पर लगातार अमेरिकी सरकार के संपर्क में है, संधू ने कहा कि स्थिति सुधरने के बाद वे यात्रा की योजना बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि मेरी आपको सलाह है कि जहां हैं वहीं रहें। हम आपसे संपर्क में हैं…हम आपकी मदद करेंगे।
छात्रों से बात करने के लिए किया गया लाइव सत्र
बाद में संधू ने सोशल मीडिया पर लिखा कि इंस्टाग्राम लाइव पर आज दोपहर अमेरिका में भारतीय छात्रों के साथ दिलचस्प संवाद हुआ। उन्होंने कहा कि युवा छात्र हमारा भविष्य हैं और हम उनसे नये विचारों की अपेक्षा करते हैं। अमेरिका में कोरोना वायरस का प्रकोप फैलने के फौरन बाद, भारतीय दूतावास और उसके पांच वाणिज्य दूतावासों ने इस संकट की स्थिति में छात्रों की समस्या सुनने के लिए विशिष्ट हेल्पलाइन शुरू की थी।

Comments
Post a Comment