Pakistan Prime Minister Imran Khan's chair is under threat

Pakistan Prime Minister Imran Khan's chair is under threat

  • 22 करोड़ की आबादी वाले पाकिस्‍तान में अब तक 4541 लोग संक्रमित पाए गये है

  • इमरान खान पर वायरस को लेकर लापरवाह बर्ताव करने का आरोप

  • सेना अपने हाथ में ले सकती है देश की बागडोर

  • इस मामले पर सेना प्रमुख और केंद्र व प्रांतों की सरकारों के साथ बैठक हुयी

इस्‍लामाबाद, 11 अप्रैल (एजेंसी)। पाकिस्‍तानी राजनीती का माहौल भी बड़ा ही अजीबोगरीब है, यहाँ कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता । सूत्रों की माने तो पाकिस्तान पीएम इमरान खान नियाजी की कुर्सी पर संकट के बादल मंडराते नज़र आ रहे हैं। विश्व में महामारी बनकर उभरे कोरोना से पाकिस्तान भी अछूता नहीं है, जिसके चलते पाकिस्तान की स्थिति दिन-ब-दिन ख़राब होती जा रही है । ऐसे में इमरान खान और सेना के बीच मतभेद गहराने लगे हैं। चूँकि सेना की मदद से ही इमरान इस पद तक पहुंचे थे अत: पाकिस्तानी सेना ने देश की बिगडती स्थिति का जिम्मा इमरान खान के सिर फोड़ते हुए उन्हें जून तक का वक्‍त दिया है।

22 करोड़ की आबादी वाले पाकिस्‍तान में अब तक 4541 लोग संक्रमित पाए गये है


दुनिया में कोरोना महामारी से अब तक 95,751 लोगों की मौत हो गई है। करीब 22 करोड़ की आबादी वाला पाकिस्‍तान भी इस महामारी से जूझ रहा है। देश में अब तक 4541 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए हैं और 65 लोगों की मौत हो गई है। पाकिस्‍तान में हालात को संभालने के लिए कई जगहों पर लॉकडाउन कर दिया गया है। पूरे देश में स्थिति को संभालने के लिए सेना को तैनात किया गया है। इन सबके बावजूद दुनिया के कोरोना की खबरों में सुर्खियों में अभी पाकिस्‍तान दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रहा है।

इमरान खान पर वायरस को लेकर लापरवाह बर्ताव करने का आरोप

पाकिस्‍तान में जैसे-जैसे कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है, इमरान खान सरकार विवादों में आती जा रही है। इमरान खान सरकार पर चीन और ईरान में हुई मौतों से न सीखने का आरोप लग रहा है। अब तक कोरोना संकट को बेहद हल्‍के अंदाज में ले रहे इमरान खान पर निर्णायक ऐक्‍शन लेने का दबाव बनता जा रहा है। इमरान दावा कर रहे हैं कि वह जनवरी से इस महामारी पर नजर बनाए हुए हैं लेकिन उन्‍होंने 12 मार्च तक आपातकालीन सलाह बैठक नहीं की।
पाकिस्‍तान में विपक्ष के शासन वाले सिंध प्रांत में इमरान खान सरकार ईरान से आने वाले तीर्थयात्रियों की जांच करने और उन्‍हें क्‍वारंटाइन करने में बुरी तरह से असफल रही। नतीजा यह रहा है कि सिंध में कोरोना बहुत तेजी से फैल गया। अगर सिंध की सरकार ने समय पर ईरान से लौटे लोगों की जांच और क्‍वारंटाइन करना नहीं शुरू किया होता तो अब तक प्रांत राजधानी कराची पाकिस्‍तान का वुहान बन गया होता।

सेना अपने हाथ में ले सकती है देश की बागडोर

इस महासंकट के बीच इमरान खान केवल कोरी द‍िलासा दे रहे हैं कि हमें घबराना नहीं है। इमरान लॉकडाउन भी नहीं कर रहे हैं जिससे यह वायरस पाकिस्‍तान के अन्‍य प्रांतों में तेजी से पांव पसार रहा है। संकट की इस घड़ी में पाकिस्‍तान की सेना को भी समझ आ गया है कि इमरान सरकार कोरोना से जंग में कुछ नहीं कर पाएगी। इसी वजह से 23 मार्च को पाकिस्‍तानी सेना के प्रवक्‍ता मेजर जनरल बाबर इफ्तिखार ने घोषणा की कि प्रांतों की मांग पर पूरे देश में सेना की तैनाती की जाएगी।
सेना का यह ऐलान इस बात का स्‍पष्‍ट संदेश था कि पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री को लेकर सेना का सब्र टूट रहा है। सेना को लग रहा है कि संकट की इस घड़ी में जब देश को सबसे ज्‍यादा जरूरत है तब इमरान खान सही से कप्‍तानी नहीं कर पा रहे हैं। यही नहीं 24 मार्च को कई टीवी चैनलों ने पीएम इमरान खान का जमकर मजाक उड़ाया था। उधर, आलोचनाओं के बीच सेना की मदद इमरान खान अपनी जिद पर अड़ गए हैं। उन्‍होंने सिंध की सरकार के लॉकडाउन के फैसले का विरोध किया है।

इस मामले पर सेना प्रमुख और केंद्र व प्रांतों की सरकारों के साथ बैठक हुयी

नेतृत्‍व के इस संकट के बीच कट्टरपंथी मौलाना फायदा उठा रहे हैं। पिछले तबलीगी जमात का जलसा इसका उदाहरण है। तबलीगी जमात के इस जलसे की वजह से पूरे पाकिस्‍तान में कोरोना के सैकड़ों मरीज बढ़ गए। यह जमात के इस इज्तिमे को इमरान एक करीबी ने अनुमति द‍िलवाया था। डॉक्‍टरों को मास्‍क और अन्‍य सामान मुहैया कराने की बजाय इमरान दावा कर रहे हैं कि पाकिस्‍तान में युवा ज्‍यादा है और उनका देश इस महामारी से बच जाएगा।
इमरान की इस अक्षमता के बाद खुद सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा को 1 अप्रैल को केंद्र और प्रांतों की सरकारों के साथ बैठक करनी पड़ी। इससे इमरान खान सरकार की भौहें चढ़ गईं। अब इस पूरे महामारी को रोकने की कमान सेना के एक अधिकारी जनरल हमूद खान को दे दी गई है। माना जा रहा है कि इस महामारी के खात्‍मे के बाद इमरान खान सरकार का जाना तय हो सकता है। बताया जा रहा है कि सेना ने विपक्षी नेताओं से इमरान को हटाने को लेकर संपर्क करना शुरू कर दिया है। नवाज शरीफ को मेडिकल ग्राउंड पर विदेश जाने की अनुमति देने के बाद इन अटकलों को और ज्‍यादा बल मिला है।

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