Nine Indonesians in Sardhana while ten foreigners from Sudan, Kenya and Djibouti were found in the Mawana Mosque
COVID-19 : सरधना में नौ इंडोनेशियाई जबकि मवाना मस्जिद में सूडान, केन्या और जिबूती से जुड़े दस विदेशी पाए गए
दिल्ली के सिर पर कोराना वायरस खतरे के बादल
उत्तर प्रदेश की मस्जिदों में विदेशी नागरिक मिले
तब्लीकी जमात की बैठक 13 से 15 मार्च के बीच हुई थी
लखनऊ/मेरठ, 1 अप्रैल (एजेंसी)। जहाँ दिल्ली में तब्लीगी जमात (Tablighi Jamaat Markaz) का मामला सामने आने से एक बार फिर दिल्ली के सिर पर खतरे के बादल मंडराने लगे है वहीँ उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मस्जिदों में ठहरे हुए कई विदेशी नागरिक मिले । पुलिस ने इस बात की जानकारी पाते ही कैसरबाग की मरकजी मस्जिद में पहुंचकर किर्गिस्तान और कजाकिस्तान के छह नागरिकों गिरफ्तार कर लिया है, जो कि 13 मार्च से यहां रह रहे हैं। सूत्रों के अनुसार तब्लीगी जमात की बैठक 13 से 15 मार्च के बीच हुई थी।
नागरिकों को चिकित्सा परीक्षण के लिए भेजा गया है और इसके बाद उन्हें अन्य लोगों से अलग कर दिया जाएगा। रिपोटरें के अनुसार, कुछ विदेशी नागरिकों के बारे में कहा जा रहा है कि वे मांडियन और काकोरी की मस्जिदों में रह रहे हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा हम अभी भी जांच की प्रक्रिया में हैं और हम व्यक्तियों की संख्या का खुलासा नहीं कर सकते। हमें नहीं पता कि वे यहां अवैध रूप से रह रहे थे। उचित जांच के बाद ही जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
इस बीच सूडान, केन्या, इंडोनेशिया और अन्य देशों के निवासी सोमवार को स्थानीय अधिकारियों को सूचित किए बिना मेरठ जिले की दो मस्जिदों में ठहरे हुए थे। उन्हें और उनके संपर्क में आए अन्य लोगों को एकांतवास में भेज दिया गया है। विदेशियों अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत चार लोगों पर मामला भी दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अविनाश पांडे ने कहा स्थानीय खुफिया इकाई ने इन 19 पुरुषों के ठिकाने के बारे में बताया और हम तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गए। पहली मस्जिद मवाना तहसील में है, जहां अफ्रीकी राष्ट्रों सूडान, केन्या और जिबूती से जुड़े दस विदेशी पाए गए। उन्हें व उनके संपर्क में आए लोगों को एकांतवास में रखा गया है।
दूसरी मस्जिद सरधना में है, जहां नौ इंडोनेशियाई नागरिक ठहरे हुए थे। इसी तरह की कार्रवाई वहां भी की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार ऐसे लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, जिन्होंने स्थानीय अधिकारियों को सूचित किए बिना इन लोगों को मस्जिदों में ठहरने की सुविधा प्रदान की। इस घटनाक्रम के बाद अन्य क्षेत्रों की भी जांच की जाएगी, जिसके लिए कई टीमों का गठन किया गया है।
दिल्ली के सिर पर कोराना वायरस खतरे के बादल
उत्तर प्रदेश की मस्जिदों में विदेशी नागरिक मिले
तब्लीकी जमात की बैठक 13 से 15 मार्च के बीच हुई थी
लखनऊ/मेरठ, 1 अप्रैल (एजेंसी)। जहाँ दिल्ली में तब्लीगी जमात (Tablighi Jamaat Markaz) का मामला सामने आने से एक बार फिर दिल्ली के सिर पर खतरे के बादल मंडराने लगे है वहीँ उत्तर प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर मस्जिदों में ठहरे हुए कई विदेशी नागरिक मिले । पुलिस ने इस बात की जानकारी पाते ही कैसरबाग की मरकजी मस्जिद में पहुंचकर किर्गिस्तान और कजाकिस्तान के छह नागरिकों गिरफ्तार कर लिया है, जो कि 13 मार्च से यहां रह रहे हैं। सूत्रों के अनुसार तब्लीगी जमात की बैठक 13 से 15 मार्च के बीच हुई थी।
नागरिकों को चिकित्सा परीक्षण के लिए भेजा गया है और इसके बाद उन्हें अन्य लोगों से अलग कर दिया जाएगा। रिपोटरें के अनुसार, कुछ विदेशी नागरिकों के बारे में कहा जा रहा है कि वे मांडियन और काकोरी की मस्जिदों में रह रहे हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा हम अभी भी जांच की प्रक्रिया में हैं और हम व्यक्तियों की संख्या का खुलासा नहीं कर सकते। हमें नहीं पता कि वे यहां अवैध रूप से रह रहे थे। उचित जांच के बाद ही जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।
इस बीच सूडान, केन्या, इंडोनेशिया और अन्य देशों के निवासी सोमवार को स्थानीय अधिकारियों को सूचित किए बिना मेरठ जिले की दो मस्जिदों में ठहरे हुए थे। उन्हें और उनके संपर्क में आए अन्य लोगों को एकांतवास में भेज दिया गया है। विदेशियों अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत चार लोगों पर मामला भी दर्ज किया गया है।
पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अविनाश पांडे ने कहा स्थानीय खुफिया इकाई ने इन 19 पुरुषों के ठिकाने के बारे में बताया और हम तुरंत घटना स्थल पर पहुंच गए। पहली मस्जिद मवाना तहसील में है, जहां अफ्रीकी राष्ट्रों सूडान, केन्या और जिबूती से जुड़े दस विदेशी पाए गए। उन्हें व उनके संपर्क में आए लोगों को एकांतवास में रखा गया है।
दूसरी मस्जिद सरधना में है, जहां नौ इंडोनेशियाई नागरिक ठहरे हुए थे। इसी तरह की कार्रवाई वहां भी की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चार ऐसे लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, जिन्होंने स्थानीय अधिकारियों को सूचित किए बिना इन लोगों को मस्जिदों में ठहरने की सुविधा प्रदान की। इस घटनाक्रम के बाद अन्य क्षेत्रों की भी जांच की जाएगी, जिसके लिए कई टीमों का गठन किया गया है।

Comments
Post a Comment