New cases of infection of people associated with Tabligi Jamaat came out in Rajasthan
New cases of infection of people associated with Tabligi Jamaat came out in Rajasthan
राजस्थान में संक्रमितों की संख्या 198 जिसमे 55 मामले सिर्फ जयपुर के
तबलीगी समाज से जुड़े लोगों से संक्रमण बढ़ा
राजस्थान के कई जिले आये संक्रमण की चपेट में
जयपुर, 04 मार्च (एजेंसी)। राज्य के स्वास्थ्य एवं प्रशासनिक अधिकारियों के लिए तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के संक्रमित होने के बढ़ते मामले एक नई चुनौती बनकर सामने आये है । सूत्रों की माने तो राज्य में तबलीगी जमात के सदस्यों और उनके संपर्क में आए लोगों को मिलाकर संक्रमण के कम से कम 41 मामले सामने आये हैं। जिसके बाद राजस्थान में संक्रमितों की संख्या 198 हो गयी है।खबरों के अनुसार कोरोनो वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 55 मामले जयपुर से हैं जिनमें से 13 लोग तबलीगी जमात के सदस्य हैं।
तबलीगी समाज से जुड़े लोगों से संक्रमण बढ़ा
राज्य में तबलीगी जमात से जुड़े लोगों या उनके संपर्क में आए लोगों के कोरोना वायरस संक्रमित पाये जाने के मामले तेजी से सामने आए हैं। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नई दिल्ली के धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होकर या मरकज के आसपास के इलाके से यहां आए या इन लोगों के संपर्क में आए 700 से ज्यादा लोग राजस्थान में हैं।
मरकज से लौटे तबलीगी जमात के चार लोगों के संक्रमित होने का पहला मामला बुधवार को टोंक में सामने आया था। इनमें तबलीगी जमात के सदस्यों के अलावा उनसे संपर्क में आए लोग भी शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि राजस्थान के 33 में से 18 जिलों में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें भी टोंक, भरतपुर,धौलपुर, दौसा और बीकानेर ऐसे जिले हैं जिनमें सामने आए पहले मामले तबलीगी जमात के सदस्यों से जुड़े हैं।
राजस्थान के कई जिले आये संक्रमण की चपेट में
राजस्थान पुलिस में अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) खुफिया उमेश मिश्रा ने कहा कि हमने अब तक जमात से जुड़े 703 लोगों को चिह्नित किया है। इनमें दिल्ली में मरकज में धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए लोग और उन लोगों के संपर्क में आए व्यक्ति शामिल हैं। इस तरह के और लोगों को चिह्नित करने का काम लगातार चल रहा है। उन्होंने कहा कि इन 703 लोगों में से 381 दूसरे राज्यों के और 10 नेपाल के हैं। इस तरह के लोगों को घर पर पृथक वास में रखा गया है या अस्पतालों में पृथक वार्ड में रखा गया है।
जमात से जुड़े लोगों की उपस्थिति और आवागमन चुरू, झुंझुनू, सीकर, अलवर, भरतपुर और टोंक जिले के मुस्लिम बहुल इलाकों में ज्यादा देखा गया है। हनुमानगढ़, गंगानगर, करौली, जोधपुर, बाड़मेर, जयपुर और दौसा में भी ये लोग मिले हैं। मुख्य सचिव डीबी गुप्ता ने कहा कि हमारे लिए शुरुआती चुनौती भीलवाड़ा था लेकिन उसके बाद जयपुर के रामगंज में वायरस संक्रमण के मामले अचानक बढ़ गए। अब तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के मामले नई चुनौती बन गए हैं। ऐसे मामलों की शुरुआत टोंक से हुई जहां पहले ही कर्फ्यू लगा है और लोगों को चिह्नित किया जा रहा है।
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