Majnu ka tilla gurudwara also comes in the grip of infection
COVID-19 : मजनू का टीला गुरूद्वारा भी आया संक्रमण की चपेट में, 300 लोगों पर मंडरा रहा है खतरा
सबसे पहले मनजिंदर सिंह सिरसा को संगत से माफी मांगनी चाहिए
गुरुद्वारे में रुके हुए लोग मजबूर हैं और कहीं बाहर नहीं जा सकते
इकट्ठा होने पर करीबन 300 लोगों पर कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराने लगा
नई दिल्ली, 1 अप्रैल (एजेंसी)। आये दिन दिल्ली में कोरोना संक्रमण के नए नए मामले देखने को मिल रहे है ऐसे में मजनू का टीला गुरुद्वारे में जगह जगह से आये लागों के इकट्ठा होने पर करीबन 300 लोगों पर कोरोना संक्रमण का खतरा मंडराने लगा है। खबरों की माने तो इनमें से कई लोगों में खांसी और बुखार की शिकायत पायी गयी है। Majnu ka tilla gurudwara
Over 400 members of #Sikh community including foreign nationals are stranded in Majnu Ka Tilla Gurudwara in New Delhi ever since lockdown was announced.Neither Central nor Punjab Govt has come to their rescue.Are we waiting for another Nizamuddin Markaz disaster?@DcpNorthDelhi
4,470 people are talking about this
गुरुद्वारे में रुके हुए लोग मजबूर हैं और कहीं बाहर नहीं जा सकते
दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसे लेकर दिल्ली सरकार और पंजाब सरकार से लोगों की जांच करा इन्हें बाहर निकलने की मांग की गई है। मंगलवार को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह लोग अलग-अलग इलाकों से आकर गुरुद्वारे में रुके थे। पंजाब सरकार को कई बार ट्वीट करने के बाद भी मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया गया। यहां अगर किसी एक व्यक्ति को भी संक्रमण होता है तो इससे यह संक्रमण अन्य कई लोगों को फैल जाएगा। लिहाजा, इन पर ध्यान देना जरूरी है। सिरसा ने कहा कि वह दिल्ली और पंजाब, दोनों ही सरकारों से अपील कर रहे हैं कि किसी भी तरह इन लोगों की जांच करा कर इन्हें यहां से बाहर निकाला जाए। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे में रुके हुए लोग मजबूर हैं और कहीं बाहर नहीं जा सकते।
सबसे पहले मनजिंदर सिंह सिरसा को संगत से माफी मांगनी चाहिए
सरकार का फर्ज बनता है कि इन सभी लोगों की मदद की जाए। उधर जागो पार्टी के महासचिव परमिंदर पाल सिंह ने कहा कि ये सब सिरसा की गलती है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले मनजिंदर सिंह सिरसा को संगत से माफी मांगनी चाहिए। क्योंकि उन्होंने ही इन लोगों को घर भेजने के नाम पर यहां इकट्ठा किया था। वो इन्हें घर भेजने में कामयाब नहीं हो पाए। परमिंदर ने कहा कि निजामुद्दीन मामले के बाद अब सिरसा को डर है कि कहीं यहां भी ऐसा ही मामला ना हो जाए और पूरी बात उन पर ना आ जाए। डर से अब वो सरकारों से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

Comments
Post a Comment